चक्रवृद्धि की मान्यताएँ: रिटर्न, समय और महँगाई से क्या बदलता है?
चक्रवृद्धि का मतलब है बढ़त पर भी बढ़त। इसका गणित तय है, पर नतीजा पूरी तरह इस पर टिका है कि आप क्या मानकर चलते हैं — कितना रिटर्न, कितना समय, और बढ़त कितनी बार जुड़ती है। इस लेख में ₹2 लाख के एक उदाहरण पर हर मान्यता अलग-अलग बदलकर देखी गई है।
आधार उदाहरण
उदाहरण — काल्पनिक संख्याएँ
₹2 लाख एक बार लगाए, 10 साल, हर साल 8% बढ़त मानी: आख़िरी रकम लगभग ₹4,31,785, यानी ₹2,31,785 की बढ़त। फ़ॉर्मूला: रकम × (1 + 0.08)10।
रिटर्न की मान्यता
वही ₹2 लाख और 10 साल: 6% पर ₹3,58,170, 8% पर ₹4,31,785, 10% पर ₹5,18,748। रिटर्न में 2 प्रतिशत अंक का फ़र्क़ आख़िरी रकम में ₹73,615 (6% से 8%) और ₹86,963 (8% से 10%) का फ़र्क़ बनाता है — ₹2 लाख की रकम पर। यही वजह है कि “कितना रिटर्न मानें” सबसे अहम फ़ैसला है:
- बैंक FD जैसी जमा की दर तय होती है (टैक्स से पहले), पर अवधि के बाद नई दर अलग हो सकती है।
- बाज़ार से जुड़े निवेश में किसी साल नुक़सान भी हो सकता है; लंबे समय का औसत भी पक्का नहीं।
- व्यावहारिक तरीका: एक सतर्क और एक उम्मीद वाली दर, दोनों पर हिसाब देखें।
समय
8% पर 10 साल में ₹4,31,785, पर 20 साल में ₹9,32,191। समय दोगुना होने पर रकम 2.16 गुना होती है, पर बढ़त ₹2,31,785 से ₹7,32,191 — यानी लगभग 3.2 गुना, क्योंकि बाद के सालों में बढ़त बड़ी रकम पर जुड़ती है। “72 का नियम” इसका मोटा अंदाज़ा देता है: 72 को सालाना दर से भाग दें, तो लगभग उतने साल में रकम दोगुनी होती है। 8% पर 72 ÷ 8 = 9 साल — और असल हिसाब में 9 साल बाद रकम 1.999 गुना होती है।
चक्रवृद्धि कितनी बार
वही 8% सालाना, पर बढ़त हर महीने जुड़े, तो 10 साल में ₹4,43,928 — क्योंकि असरदार सालाना दर 8.30% बन जाती है। बैंक FD अक्सर तिमाही जोड़ते हैं; इसलिए दो FD की तुलना करते समय सिर्फ़ बताई गई दर नहीं, असरदार दर देखें — FD तुलना यही दिखाता है।
महँगाई के बाद असली बढ़त
10 साल बाद के ₹4,31,785 की ख़रीदने की ताक़त, 6% महँगाई मानें तो, आज के लगभग ₹2,41,106 जितनी है। यानी नाम की बढ़त बड़ी दिखती है, पर असली बढ़त (रिटर्न − महँगाई) काफ़ी कम है। टैक्स घटाने पर यह और कम होगी — वह यहाँ नहीं गिना गया। ज़्यादा जानकारी महँगाई वाले लेख में।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- “पिछले 10 साल में 12% मिला, तो आगे भी मिलेगा”: पिछला रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं।
- “चक्रवृद्धि हर निवेश में अपने-आप होती है”: पेआउट वाली FD में ब्याज खाते में आ जाता है; उस पर आगे बढ़त तभी होगी जब आप उसे फिर से लगाएँ।
- “बड़ी रकम = अमीरी”: 20–30 साल बाद की रकम को आज के पैसों में बदलकर देखें।
अपनी संख्याओं के लिए एकमुश्त निवेश कैलकुलेटर इस्तेमाल करें — वह साल-वार तालिका और महँगाई घटाकर मूल्य भी दिखाता है।