SIP कैलकुलेटर: हर महीने की SIP से कितना फ़ंड बन सकता है?
हर महीने की SIP रकम, एक मान लिया गया सालाना रिटर्न और कितने साल, यह डालिए। कैलकुलेटर कुल निवेश, अनुमानित फ़ायदा और आख़िरी वैल्यू दिखाएगा। म्यूचुअल फ़ंड का रिटर्न तय नहीं होता; यह सिर्फ़ "अगर रिटर्न इतना रहा तो" वाला हिसाब है।
SIP कैलकुलेटर
₹100 से ₹1 करोड़ तक।
0% से 30% तक। यह कोई वादा या अनुमानित असली रिटर्न नहीं — कम दर डालकर भी देखें।
1 से 50 साल।
अनुमानित फ़ंड वैल्यू
इस हिसाब की मान्यताएँ
- SIP हर महीने की शुरुआत में मानी गई है, और हर महीने रिटर्न = (सालाना दर ÷ 12)। यह "नाममात्र दर" वाला तरीका है; फ़ंड का बताया CAGR इससे थोड़ा अलग होता है। अगर SIP महीने के अंत में मानें, तो नतीजा (1 + दर÷12) गुना कम होता है।
- रिटर्न हर महीने एक जैसा माना गया है। असल में बाज़ार ऊपर-नीचे होता है और नतीजा इससे बहुत अलग हो सकता है।
- फ़ंड का ख़र्च (expense ratio), एग्ज़िट लोड और टैक्स इसमें नहीं घटाए गए।
साल-दर-साल बढ़त (काल्पनिक)
| साल | कुल निवेश | अनुमानित वैल्यू |
|---|
हिसाब का फ़ॉर्मूला
FV = P × [(1 + i)n − 1] ÷ i × (1 + i)
P = हर महीने की SIP, i = सालाना दर ÷ 12 ÷ 100, n = कुल महीने। दर 0% हो, तो वैल्यू सिर्फ़ P × n रहती है।
उदाहरण: ₹10,000 हर महीने, 10 साल। कुल निवेश ₹12,00,000। अगर रिटर्न हर साल ठीक 12% (मासिक 1%) रहे, तो वैल्यू लगभग ₹23.23 लाख बनती है, यानी ₹11.23 लाख का काल्पनिक फ़ायदा। रिटर्न 0% रहे, तो आपके पास सिर्फ़ ₹12,00,000 ही रहेंगे — यह याद रखना ज़रूरी है।
SIP से जुड़ी काम की बातें
- समय का असर: ₹5,000 महीने की SIP 12% मानकर 10 साल में ₹11.62 लाख, और 20 साल में ₹49.96 लाख दिखाती है। अवधि दोगुनी करने से वैल्यू चार गुना से ज़्यादा हो जाती है — लेकिन यह तभी जब मान लिया गया रिटर्न सच में मिले।
- गिरते बाज़ार में: SIP चलती रहे, तो कम दाम पर ज़्यादा यूनिट मिलती हैं। फिर भी कुछ समय के लिए वैल्यू निवेश से कम हो सकती है।
- टैक्स: इक्विटी फ़ंड बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है; उसकी दरें बदलती रहती हैं। बेचने से पहले ताज़ा नियम आधिकारिक स्रोत पर देखें।
- सुरक्षित विकल्प से तुलना: तय रिटर्न वाले विकल्पों के लिए PPF और FD कैलकुलेटर देखें।
यह नतीजा कैसे पढ़ें
- किसके काम का: हर महीने निवेश की योजना का “अगर रिटर्न इतना रहा तो” वाला हिसाब देखने के लिए।
- आख़िरी वैल्यू गारंटी नहीं है। दो-तीन अलग रिटर्न डालकर दायरा देखें, और ऊपर “तुलना” में एक को आधार बनाकर फ़र्क़ पढ़ें।
- शामिल नहीं: टैक्स, फ़ंड के ख़र्च, बाज़ार का उतार-चढ़ाव और हर महीने की तारीख़ का असर।
आम ग़लतियाँ
- पिछले कुछ सालों का रिटर्न आगे के लिए पक्का मान लेना।
- महँगाई भूलना। 20 साल बाद की रकम की असली ताक़त महँगाई कैलकुलेटर से देखें।
- आय बढ़ने पर भी SIP वही रखना। हर साल थोड़ा बढ़ाने का असर स्टेप-अप SIP गाइड में।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
SIP में कितना रिटर्न मानना सही है?
कोई सही संख्या नहीं है। अलग-अलग दरों (जैसे 6%, 9%, 12%) से हिसाब देखें और योजना ऐसी बनाएँ कि कम रिटर्न में भी काम चल जाए।
क्या SIP में पैसा डूब सकता है?
बाज़ार गिरने पर फ़ंड की वैल्यू कुछ समय या लंबे समय के लिए निवेश से कम हो सकती है। इसलिए SIP आमतौर पर लंबे लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल होती है।