क्रेडिट कार्ड रीपेमेंट: मिनिमम ड्यू बनाम बड़ा भुगतान

पेज अपडेट: 12 अक्टूबर 2026 · काल्पनिक मासिक मॉडल — किसी बैंक का स्टेटमेंट नहीं · स्रोत जाँचा: 11 अक्टूबर 2026

कार्ड का बकाया हर महीने थोड़ा-थोड़ा चुकाने पर वह कितने समय में ख़त्म होगा और ब्याज में कितना जाएगा — यह टूल एक सीधा मासिक मॉडल चलाकर दिखाता है। आप हर महीने तय रकम भर सकते हैं, या बैलेंस का कुछ प्रतिशत (कम से कम एक तय रकम) — और उसकी तुलना किसी बड़ी तय रकम से कर सकते हैं।

मासिक अनुमान: ब्याज = बाक़ी रकम × (सालाना दर ÷ 12), हर महीने पूरे बकाये पर। बैंक असल में रोज़ के बैलेंस और ख़रीद की तारीख़ से ब्याज जोड़ते हैं, और फ़ीस व टैक्स भी लगाते हैं — इसलिए आपका असली बिल अलग होगा।

उदाहरण भरें:

क्रेडिट कार्ड रीपेमेंट सिम्युलेटर

₹1 से ₹10 करोड़। मॉडल मानता है कि आगे कोई नई ख़रीद नहीं होगी।

0% से 60%। अपने कार्ड के MITC या स्टेटमेंट में लिखी दर डालें; बैंक अक्सर मासिक दर बताते हैं — सालाना = मासिक × 12 लिखें।

हर महीने कितना भरेंगे?

हर महीने भुगतान = (बकाया + उस महीने का ब्याज) × यह %, लेकिन कम से कम ऊपर की रकम। 0.1%–100%; न्यूनतम ₹1 या ज़्यादा। यह आपका चुना नियम है — हर बैंक मिनिमम ड्यू अपने तरीक़े से गिनता है।

पहले महीने के भुगतान से ज़्यादा होनी चाहिए। ख़ाली छोड़ें तो तुलना नहीं दिखेगी।

मॉडल — असली बिल नहीं

बकाया चुकने में लगने वाला समय

पहले महीने का ब्याज (मॉडल)
पहला भुगतान
कुल मॉडल ब्याज
कुल भुगतान

यह टूल किस काम का है

उन लोगों के लिए जिनके कार्ड पर बकाया चल रहा है और जो समझना चाहते हैं कि सिर्फ़ थोड़ा-थोड़ा भरने का असली ख़र्च क्या है, या हर महीने कितना भरें कि तय समय में बकाया ख़त्म हो। यह किसी बैंक का बिल, न्यूनतम राशि या ब्याज नहीं बताता — वह आपके स्टेटमेंट में ही लिखा होता है।

हर ख़ाने का मतलब

इनपुट, उनकी इकाई और सीमा
ख़ानामतलबइकाई और सीमा
बकायाआज का कुल बकाया, जिस पर आगे ब्याज लगेगा।₹1 – ₹10 करोड़
सालाना दरकार्ड की ब्याज दर, सालाना। मासिक दर × 12।0%–60%
बैलेंस का %हर महीने (बकाया + उस महीने का ब्याज) का यह प्रतिशत।0.1%–100%
कम से कमप्रतिशत से रकम इससे कम बने, तो इतना भरा जाएगा (बकाया इससे कम हो तो पूरा बकाया)।₹1 या ज़्यादा
तय रकमहर महीने एक जैसी रकम; आख़िरी महीने बस बचा हुआ।₹ महीना
तुलना की रकमएक बड़ी तय मासिक रकम, जिससे फ़र्क़ दिखे।पहले भुगतान से ज़्यादा

एक हल किया हुआ उदाहरण

बकाया ₹50,000, मानी गई दर 42% सालाना (यानी 3.50% महीना), कोई नई ख़रीद नहीं:

नतीजा कैसे पढ़ें

आम ग़लतियाँ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बैंक का मिनिमम ड्यू कैसे तय होता है?

हर बैंक का अपना तरीक़ा है, जो कार्ड की शर्तों (MITC) में लिखा होता है। RBI के निर्देश कहते हैं कि मिनिमम ड्यू ऐसा हो कि बकाया बढ़ता न जाए (negative amortisation न हो)। इसलिए अपने स्टेटमेंट की रकम ही असली है; यह टूल सिर्फ़ आपके चुने नियम का असर दिखाता है।

0% ब्याज पर क्या होता है?

तब हर भुगतान पूरा का पूरा बकाया घटाता है। उदाहरण: ₹30,000 और हर महीने ₹4,000 → 8 महीने, आख़िरी भुगतान ₹2,000। बैंक की "0% EMI" में प्रोसेसिंग फ़ीस और GST हो सकते हैं, जो यहाँ नहीं जुड़े।

क्या मेरे कार्ड की जानकारी कहीं जाती है?

कार्ड नंबर या बैंक की कोई जानकारी माँगी ही नहीं जाती; हिसाब आपके ब्राउज़र में होता है और आपकी डाली रकम हम कहीं नहीं भेजते। इसी पेज के अंत में Adsterra का विज्ञापन भी दिखता है, जिसकी स्क्रिप्ट उनके सर्वर से आती है; उसके बारे में प्राइवेसी पॉलिसी देखें।

लेखक: start। SaralPaisa कोई वित्तीय सलाहकार, CA या SEBI-रजिस्टर्ड संस्था नहीं है; यह पेज शिक्षा के लिए है। हमारे बारे में · हम हिसाब कैसे करते हैं · डिस्क्लेमर