लोन प्रीपेमेंट: कितना ब्याज और कितने महीने बचेंगे?
बोनस मिला है या हर महीने कुछ पैसे बचते हैं? उसे लोन में डालने से EMI वही रहती है, लेकिन लोन जल्दी ख़त्म होता है और ब्याज बचता है। नीचे अपना लोन और प्रीपेमेंट योजना डालिए; टूल बिना प्रीपेमेंट वाले लोन से तुलना करके दिखाएगा।
प्रीपेमेंट कैलकुलेटर
आपके लोन एग्रीमेंट में लिखी फ़ीस। ख़ाली = 0%।
प्रीपेमेंट से बचत
| बिना प्रीपेमेंट | प्रीपेमेंट के साथ |
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इस हिसाब की मान्यताएँ
- EMI वही रहती है और लोन की अवधि घटती है ("अवधि घटाएँ" तरीका)। कुछ बैंक प्रीपेमेंट के बाद EMI घटाने का विकल्प देते हैं; वह यहाँ नहीं गिना गया।
- दर पूरी अवधि में स्थिर मानी गई है; प्रीपेमेंट उसी महीने की EMI के बाद बाक़ी मूलधन से घटता है। प्रीपेमेंट बाक़ी लोन से ज़्यादा हो, तो सिर्फ़ बाक़ी रकम ही गिनी जाती है।
- प्रीपेमेंट फ़ीस आपकी डाली गई % दर से प्रीपेड रकम पर गिनी जाती है; GST या दूसरे चार्ज अलग हो सकते हैं।
साल-दर-साल बाक़ी लोन
| लोन-साल | बिना प्रीपेमेंट | प्रीपेमेंट के साथ | उस साल प्रीपेमेंट |
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उदाहरण: एकमुश्त बनाम हर महीने थोड़ा
₹30 लाख का होम लोन, 8.5% दर, 20 साल (240 EMI)। EMI ₹26,035 है और बिना प्रीपेमेंट कुल ब्याज ₹32,48,327 बनता है।
- 36वीं EMI के बाद एक बार ₹2 लाख: लोन 240 की जगह 211 महीनों में ख़त्म होता है (2 साल 5 महीने पहले) और लगभग ₹5,62,488 ब्याज बचता है।
- पहले महीने से हर महीने ₹3,000 अतिरिक्त: कुल ₹5,58,000 अतिरिक्त जमा होते हैं, लोन 187 महीनों में ख़त्म होता है (4 साल 5 महीने पहले) और लगभग ₹8,33,550 ब्याज बचता है।
- समय का असर: वही ₹2 लाख अगर 180वीं EMI के बाद जमा हों, तो बचत सिर्फ़ लगभग ₹94,448 रह जाती है, क्योंकि तब तक ज़्यादातर ब्याज चुकाया जा चुका होता है।
प्रीपेमेंट से पहले सोचने वाली बातें
- इमरजेंसी फ़ंड पहले: प्रीपेड पैसा वापस नहीं निकलता। कुछ महीनों का ख़र्च अलग रखे बिना सारा पैसा लोन में डालना जोखिम है।
- ऊँची दर वाला लोन पहले: कई लोन हों, तो पहले सबसे ज़्यादा दर वाला (अक्सर पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड) चुकाएँ।
- टैक्स का असर: पुराने टैक्स रिजीम में होम लोन ब्याज पर कटौती मिलती है; प्रीपेमेंट से वह कटौती भी घट सकती है। नए रिजीम में अपने घर के होम लोन ब्याज पर यह कटौती नहीं मिलती।
- प्रीपेमेंट फ़ीस: RBI के Pre-payment Charges on Loans Directions, 2025 के अनुसार, 1 जनवरी 2026 या उसके बाद मंज़ूर या रिन्यू हुए, व्यक्तियों के ग़ैर-व्यावसायिक फ़्लोटिंग रेट लोन पर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लिया जा सकता। बाक़ी लोन (जैसे कई फ़िक्स्ड रेट लोन) पर लेंडर की मंज़ूर नीति के अनुसार फ़ीस लग सकती है; वह ऊपर "प्रीपेमेंट फ़ीस" में डालें।
- बैंक को लिखित में बताएँ कि प्रीपेमेंट से अवधि घटानी है या EMI, और नया शेड्यूल लिखित में माँगें।
यह नतीजा कैसे पढ़ें
- किसके काम का: चल रहे लोन में एकमुश्त या हर महीने अतिरिक्त रकम डालने से पहले, ताकि दिखे कि कितने महीने और कितना ब्याज बचेगा।
- यहाँ EMI वही रहती है और लोन जल्दी ख़त्म होता है; बिना प्रीपेमेंट वाले शेड्यूल से तुलना साथ दिखती है।
- शामिल नहीं: वही पैसा कहीं और लगाने पर मिलने वाला रिटर्न, होम लोन ब्याज की कटौती जैसे टैक्स फ़ायदों पर असर, और बैंक का EMI घटाने वाला विकल्प।
आम ग़लतियाँ
- इमरजेंसी फ़ंड ख़ाली करके प्रीपेमेंट। पहले इमरजेंसी फ़ंड सुरक्षित रखें।
- प्रीपेमेंट चार्ज का अंदाज़ा लगाना। ऊपर "प्रीपेमेंट फ़ीस" वाली बात और अपना सैंक्शन लेटर व KFS देखें; उदाहरण के साथ विस्तार: फ़ीस और प्रीपेमेंट।
- मान लेना कि देर से किया प्रीपेमेंट भी उतना ही बचाता है। ऊपर का उदाहरण दिखाता है कि जल्दी किया गया प्रीपेमेंट कहीं ज़्यादा ब्याज बचाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अवधि घटाना बेहतर है या EMI?
दर एक जैसी हो, तो EMI वही रखकर अवधि घटाने से ज़्यादा ब्याज बचता है। EMI घटाने से हर महीने का बोझ कम होता है, जो नक़दी कम हो तो काम का है।
प्रीपेमेंट की तारीख़ आख़िरी EMI के बाद क्यों नहीं डाल सकते?
तब तक लोन ख़त्म हो चुका होता है। टूल पहली EMI के बाद और आख़िरी EMI से पहले की तारीख़ ही लेता है।
स्रोत और जाँच
नीचे वे स्रोत हैं जिन्हें इस पेज के नियमों/दरों के लिए खोलकर मिलाया गया। "जाँचा" तारीख़ वह दिन है जब स्रोत खोला गया; पेज की "अपडेट" तारीख़ अलग है।
- RBI (Pre-payment Charges on Loans) Directions, 2025 (RBI/2025-26/64, 2 जुलाई 2025) — 1 जनवरी 2026 या बाद में मंज़ूर/रिन्यू हुए, व्यक्तियों को ग़ैर-व्यावसायिक काम के लिए दिए फ़्लोटिंग रेट लोन पर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं (पैरा 5(i)); कोई लॉक-इन नहीं (5(iii)); बाक़ी मामलों में लेंडर की मंज़ूर पॉलिसी (6); चार्ज लगेगा या नहीं, यह सैंक्शन लेटर, एग्रीमेंट और KFS में लिखा होना चाहिए (9)। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 11 अक्टूबर 2026