लोन
EMI, अफ़ोर्डेबिलिटी, लोन तुलना और प्रीपेमेंट टूल एक ही गणना-इंजन पर चलते हैं: मासिक ब्याज बाक़ी मूलधन पर, EMI पैसे तक, और आख़िरी किस्त ऐसी कि बैलेंस ठीक शून्य हो। इसलिए एक टूल का नतीजा दूसरे से मेल खाता है।
कौन-सा टूल कब
- घर देखने से पहले: होम लोन अफ़ोर्डेबिलिटी से देखें कि आपकी आय और चल रही EMI के हिसाब से लगभग कितना लोन चुक सकता है — यह आपका बजट है, बैंक की पात्रता नहीं।
- लोन लेने से पहले: EMI कैलकुलेटर से देखें कि किस्त आपके बजट में आती है या नहीं, और अवधि बढ़ाने से कुल ब्याज कितना बढ़ता है।
- दो बैंकों के ऑफ़र हाथ में हों: लोन तुलना में दर के साथ प्रोसेसिंग फ़ीस भी डालें — कम दर वाला ऑफ़र भी महँगा पड़ सकता है।
- लोन चल रहा है और अतिरिक्त पैसा है: प्रीपेमेंट कैलकुलेटर से तारीख़ के साथ असर देखें; जल्दी किया गया प्रीपेमेंट ज़्यादा ब्याज बचाता है।
- क्रेडिट कार्ड पर बकाया: कार्ड रीपेमेंट सिम्युलेटर से देखें कि मिनिमम ड्यू बनाम बड़ी तय रकम से कितना समय और मॉडल ब्याज लगेगा।
टूल
- EMI कैलकुलेटरहोम, कार या पर्सनल लोन की मासिक किस्त, कुल ब्याज और साल-वार शेड्यूल
- होम लोन अफ़ोर्डेबिलिटीनयाआय और चल रही EMI से अंदाज़ा: नई EMI की जगह और उससे चुकने लायक़ लोन — पात्रता नहीं
- लोन तुलनादो लोन ऑफ़र: फ़ीस मिलाकर असरदार दर और कुल ख़र्च साथ-साथ
- लोन प्रीपेमेंट कैलकुलेटरएकमुश्त या हर महीने अतिरिक्त भुगतान से कितना ब्याज और कितने महीने बचेंगे
- क्रेडिट कार्ड रीपेमेंटनयाबकाया चुकाने में कितने महीने और कितना ब्याज — मिनिमम ड्यू बनाम बड़ी तय रकम (काल्पनिक मॉडल)
गाइड
- होम लोन कितना ले सकते हैं? अपना बजट बनाम बैंक की पात्रता
चल रही EMI, दर और अवधि का असर; बैंक की पात्रता अलग क्यों; घर की पूरी लागत · लगभग 5 मिनट
- क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू: सिर्फ़ उतना भरने का असली ख़र्च
मिनिमम ड्यू क्या है, RBI के नियम, असली बिल अलग क्यों, और बड़े भुगतान से कितना फ़र्क़ · लगभग 5 मिनट
- लोन की प्रोसेसिंग फ़ीस और प्रीपेमेंट: कुल लागत की तुलना
फ़ीस बनाम दर, जल्दी बंद करने पर फ़ैसला कैसे बदलता है, KFS/APR और प्रीपेमेंट चार्ज के नियम · लगभग 4 मिनट
लोन लेने से पहले बजट
EMI कितनी हो सकती है, यह बैंक की पात्रता से ज़्यादा आपके घर के बजट से तय होना चाहिए। मासिक बजट प्लानर में नई EMI को “EMI/क़र्ज़” श्रेणी में जोड़कर देखें कि हर महीने कितना बचता है, और इमरजेंसी फ़ंड प्लानर से यह कि मुश्किल समय में कुछ महीनों की EMI का बैक-अप है या नहीं।