FD तुलना: दो विकल्पों में असल में ज़्यादा कौन देता है?
एक FD में ब्याज जुड़ता रहता है, दूसरी हर महीने ब्याज देती है; एक 3 साल की है, दूसरी 5 साल की। सिर्फ़ ब्याज दर देखकर तुलना अधूरी है। यह टूल दोनों की असरदार सालाना यील्ड (भुगतान के समय को गिनकर) और एक सरल टैक्स-अनुमान के बाद की यील्ड साथ-साथ दिखाता है।
FD तुलना कैलकुलेटर
दोनों विकल्पों पर एक जैसा सरल अनुमान (स्लैब + 4% सेस, हर वित्त वर्ष में उस साल के ब्याज पर)। रिबेट नहीं गिना जाता; अपनी आय के हिसाब से अनुमान FD कैलकुलेटर के "मेरी आय से" तरीके में देखें — वह भी अनुमान ही है।
दोनों विकल्प साथ-साथ
| विकल्प A | विकल्प B |
|---|
इस तुलना की मान्यताएँ
- दोनों FD इसी महीने शुरू मानी गई हैं और हिसाब FD कैलकुलेटर वाले इंजन से ही होता है (पूरे महीनों पर, स्थिर दर; 6 महीने से कम क्यूम्युलेटिव पर साधारण ब्याज; पेआउट साधारण ब्याज, डिस्काउंटेड मासिक दर नहीं)।
- असरदार सालाना यील्ड: जमा, हर ब्याज-भुगतान और मूल वापसी — इन नक़दी-प्रवाहों का मासिक IRR, सालाना किया गया। पेआउट में मिला ब्याज कहीं दोबारा निवेश हुआ, यह नहीं माना गया। "टैक्स के बाद यील्ड" में हर वित्त वर्ष का टैक्स उस साल के आख़िरी ब्याज-भुगतान/जुड़ने की तारीख़ पर चुकाया माना गया है; हर पेआउट से टैक्स कटे, तो यील्ड थोड़ी कम दिखेगी।
- अलग अवधि होने पर, छोटी FD ख़त्म होने के बाद पैसा किस दर पर लगेगा, यह तुलना नहीं बता सकती।
उदाहरण: 3 साल क्यूम्युलेटिव बनाम 5 साल मासिक पेआउट
₹5 लाख। A: 7.1%, 3 साल, तिमाही कंपाउंडिंग। B: 7.4%, 5 साल, हर महीने ब्याज। (यही ऊपर पहले से भरा है।)
- A: कुल ब्याज ₹1,17,538, मैच्योरिटी ₹6,17,538, असरदार यील्ड 7.29%।
- B: हर महीने ₹3,083, कुल ब्याज ₹1,85,000, असरदार यील्ड 7.66%।
- 20% स्लैब के सरल अनुमान के बाद: A 5.77%, B 6.06%।
B की यील्ड ज़्यादा है, लेकिन पैसा 2 साल ज़्यादा बँधा रहता है। अगर 3 साल बाद पैसे की ज़रूरत हो, या दरें बढ़ने की उम्मीद हो, तो A बेहतर फ़िट हो सकता है। अगर हर महीने ख़र्च के लिए ब्याज चाहिए, तो पेआउट वाला ढाँचा ही काम आएगा। तुलना संख्या देती है; फ़ैसला आपकी ज़रूरत से होगा।
क्या देखकर चुनें
- दर बनाम यील्ड: 7% की तिमाही-कंपाउंडिंग FD 7% से थोड़ा ज़्यादा देती है; 7% की मासिक पेआउट FD में ब्याज पर ब्याज नहीं मिलता (जब तक आप ख़ुद दोबारा निवेश न करें)।
- तरलता: समय से पहले FD तोड़ने पर बैंक आमतौर पर दर घटाते हैं। लंबी FD की ऊँची यील्ड तभी मिलती है जब आप उसे पूरा चलाएँ।
- टैक्स: FD का ब्याज टैक्सेबल है। ऊँचे स्लैब में उन विकल्पों से तुलना करें जिनका ब्याज टैक्स-फ़्री माना जाता है (जैसे PPF — अपनी स्थिति के लिए पुष्टि करें), लेकिन PPF का पैसा 15+ साल बँधा रहता है।
- सुरक्षा: बैंक जमा पर DICGC बीमा की सीमा प्रति बैंक लागू होती है; ताज़ा सीमा DICGC पर देखें।
यह नतीजा कैसे पढ़ें
- किसके काम का: जब दो FD की दर, अवधि या ब्याज मिलने का तरीका (जुड़ता रहे / हर महीने मिले) अलग हो।
- असरदार यील्ड ज़्यादा होने का मतलब है कि भुगतान के समय को गिनकर पैसा तेज़ बढ़ता है। अलग अवधि की FD में यह नहीं बताया जा सकता कि छोटी FD ख़त्म होने के बाद पैसा किस दर पर लगेगा।
- शामिल नहीं: समय से पहले तोड़ने की पेनल्टी, पेआउट में मिले ब्याज को दोबारा लगाना, और आपकी पूरी आय पर असली टैक्स — यहाँ चुने स्लैब का सरल अनुमान है।
आम ग़लतियाँ
- सिर्फ़ ब्याज दर देखकर चुनना। ब्याज कितनी बार जुड़ता या मिलता है, इससे यील्ड बदलती है।
- अलग अवधि की FD का कुल ब्याज सीधे मिलाना। लंबी FD का कुल ब्याज ज़्यादा दिखेगा ही; यील्ड देखें।
- मासिक पेआउट वाली FD को क्यूम्युलेटिव जैसा मान लेना। पेआउट में ब्याज पर ब्याज तभी मिलता है जब आप ख़ुद उसे दोबारा लगाएँ। मान्यताओं का असर समझने के लिए चक्रवृद्धि की मान्यताएँ पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
असरदार यील्ड बैंक की बताई दर से अलग क्यों है?
बैंक की दर पर ब्याज साल में कई बार जुड़ सकता है। ऊपर के उदाहरण में 7.1% की तिमाही-कंपाउंडिंग FD की असरदार सालाना यील्ड 7.29% बनती है। मासिक पेआउट में ब्याज जुड़ता नहीं, इसलिए यील्ड दर के आसपास रहती है।
टैक्स के बाद वाली यील्ड में मेरी पूरी आय गिनी जाती है?
नहीं। यह चुने गए स्लैब की दर (4% सेस जोड़कर) से एक सरल अनुमान है; रिबेट, दूसरी आय और कटौतियाँ नहीं गिनी जातीं। अपनी आय से अनुमान के लिए FD कैलकुलेटर का "मेरी आय से" तरीका देखें।