हम हिसाब कैसे करते हैं
SaralPaisa के कैलकुलेटर पैसों के फ़ैसलों से पहले हिसाब समझने के लिए हैं। इसलिए यह बताना ज़रूरी है कि हिसाब किन फ़ॉर्मूलों पर, किन मान्यताओं के साथ और कितनी जाँच के बाद दिखाया जाता है — और कहाँ उसकी सीमा है।
एक इंजन, सभी टूल
सारे कैलकुलेटर एक ही गणना-फ़ाइल (इंजन) के अलग-अलग फ़ंक्शन से चलते हैं। पेज सिर्फ़ इनपुट पढ़ता है, इंजन से नतीजा लेता है और उसे दिखाता है; पेज ख़ुद कोई गणित नहीं बदलता। इसलिए EMI टूल, लोन तुलना, प्रीपेमेंट और होम लोन अफ़ोर्डेबिलिटी का गणित एक-दूसरे से मेल खाता है। हर इनपुट की सीमा पेज पर लिखी है; उससे बाहर की संख्या पर टूल नतीजा नहीं दिखाता, बल्कि बताता है कि कौन-सा ख़ाना ठीक करना है — चुपचाप संख्या बदलता नहीं।
मुख्य फ़ॉर्मूले
- EMI: EMI = P × r ÷ [1 − (1 + r)−n], r = सालाना दर ÷ 12 ÷ 100; दर 0% हो तो P ÷ n। हर महीने ब्याज बाक़ी मूलधन पर; आख़िरी किस्त बैलेंस को ठीक शून्य करती है। (EMI कैलकुलेटर)
- होम लोन अफ़ोर्डेबिलिटी: यही फ़ॉर्मूला उल्टा — EMI से मूलधन: P = EMI × [1 − (1 + r)−n] ÷ r। नतीजा कभी नकारात्मक नहीं होता। (टूल)
- लोन ऑफ़र की असरदार दर: आज मिली रकम (लोन − फ़ीस) और हर महीने की EMI का IRR, × 12। यह RBI की APR नहीं है। (लोन तुलना)
- क्रेडिट कार्ड: हर महीने ब्याज = बाक़ी × (सालाना दर ÷ 12); भुगतान तय रकम या बैलेंस का % (न्यूनतम सीमा के साथ); आख़िरी भुगतान बचे बकाये तक सीमित; अधिकतम 600 महीने। यह मासिक मॉडल है, बैंक का स्टेटमेंट नहीं। (टूल)
- HRA छूट: टैक्स ईयर 2026-27 के Rule 279 की तीन सीमाओं में सबसे कम; नए रिजीम में शून्य। (टूल)
- इनकम टैक्स: टैक्स ईयर 2026-27 के स्लैब, रिबेट, मार्जिनल रिलीफ़ और 4% सेस; सिर्फ़ सामान्य आय। (टूल)
- SIP, लम्पसम, बचत लक्ष्य, महँगाई: मासिक चक्रवृद्धि (सालाना दर ÷ 12) या चुनी गई आवृत्ति; हर पेज पर फ़ॉर्मूला और उदाहरण लिखा है।
- PPF और सुकन्या: सरकारी नियम के अनुसार महीने की 5 तारीख़ तक के न्यूनतम बैलेंस पर ब्याज, जो वित्त वर्ष के अंत में जुड़ता है; दर तिमाही की घोषित दर।
राउंडिंग और पैसे तक की सटीकता
- अंदर का हिसाब पूरी सटीकता से होता है; हर महीने पैसे तक गोल करके आगे नहीं बढ़ाया जाता, क्योंकि लंबी अवधि में ऐसे गोल करने से बड़ा फ़र्क़ बनता है।
- स्क्रीन पर रकम पूरे रुपये में दिखती है। CSV फ़ाइल में रकम पैसे तक (2 दशमलव) होती है।
- CSV की हर पंक्ति अलग से गोल होती है, इसलिए पंक्तियों का जोड़ कुल से कुछ पैसे अलग हो सकता है। फ़ाइल के अंत में "मिलान" पंक्ति यह अंतर और गोल करने से संभव अधिकतम अंतर दिखाती है।
- बैंक अपने नियम से EMI गोल करते हैं और दिनों के हिसाब से ब्याज गिन सकते हैं, इसलिए कुछ रुपये का फ़र्क़ सामान्य है।
लेखों के उदाहरण कैसे बनते हैं
लेखों और टूल-पेजों पर दिखने वाले हल किए उदाहरणों की संख्याएँ हाथ से नहीं लिखी जातीं। वेबसाइट बनाते समय एक स्क्रिप्ट वही इंजन चलाकर संख्याएँ निकालती है और पेज में भरती है। अगर कोई उदाहरण इंजन से नतीजा न दे, या उसकी कही बात (जैसे "यह ऑफ़र सस्ता है") इंजन के नतीजे से मेल न खाए, तो वेबसाइट बनती ही नहीं — इसलिए लेख और कैलकुलेटर अलग-अलग संख्या नहीं दिखा सकते।
टेस्ट: क्या होता है, क्या नहीं
हर बदलाव के बाद ये जाँचें चलाई जाती हैं (नतीजे हर रिलीज़ की टेस्ट रिपोर्ट में):
- गणना के टेस्ट: किताबों वाले उदाहरण, शून्य दर, सीमा वाले मामले और ग़लत इनपुट। नए मॉडल को टेस्ट में अलग तरीक़े से लिखे हिसाब से मिलाया जाता है — जैसे EMI से मूलधन को बाइसेक्शन से, कार्ड के भुगतान को बंद-फ़ॉर्मूले से, और HRA को पैसे वाली अलग गणना से — ताकि एक ही ग़लती दोनों तरफ़ न छिपे।
- पेजों की जाँच: हर लिंक, पेज का ढाँचा, साइटमैप, खोज में हर पेज, और बनी हुई फ़ाइलें स्रोत से मेल खाती हैं या नहीं।
- ब्राउज़र में: 320 से 1280 पिक्सल चौड़ाई और 200% टेक्स्ट पर, हल्की और गहरी थीम में, हर टूल के ग़लत इनपुट, CSV और प्रिंट।
क्या नहीं जाँचा जा सकता: असली बैंक या आयकर विभाग के सिस्टम का नतीजा, हर फ़ोन और स्क्रीन-रीडर, और भविष्य में बदलने वाले नियम। इसलिए हर नतीजा "अनुमान" लिखा होता है।
मान्यताएँ और सीमाएँ
हर कैलकुलेटर पर "इस हिसाब की मान्यताएँ" खुला रहता है — उसमें लिखा है कि दर स्थिर मानी गई या नहीं, फ़ीस/टैक्स शामिल हैं या नहीं, और टूल किन मामलों पर लागू नहीं होता। टूल किसी व्यक्ति के लिए सलाह नहीं देता: कौन-सा लोन, निवेश या रिजीम आपके लिए सही है, यह आपकी पूरी स्थिति से तय होता है। SaralPaisa कोई CA, वित्तीय सलाहकार या SEBI-रजिस्टर्ड संस्था नहीं है।
तारीख़ें और दरों का अपडेट
- पेज अपडेट: जिस दिन पेज की सामग्री सच में बदली। सिर्फ़ ताज़ा दिखाने के लिए तारीख़ नहीं बदली जाती।
- नियम/दर लागू: नियम या दर किस तारीख़ या अवधि से लागू है — जैसे टैक्स ईयर 2026-27, या किसी तिमाही की सरकारी दर।
- स्रोत जाँचा: जिस दिन स्रोत खोलकर संख्या मिलाई गई। यह हर पेज के नीचे "स्रोत और जाँच" में होता है, साथ में यह भी कि स्रोत आधिकारिक है या द्वितीयक।
- सरकारी बचत योजनाओं की दरें हर तिमाही घोषित होती हैं। तिमाही ख़त्म होने पर पेज अपने-आप चेतावनी दिखाता है, जब तक नई दर जाँचकर डाली न जाए।
ग़लती की सूचना और सुधार
किसी हिसाब, नियम या दर में ग़लती दिखे, तो संपर्क पेज पर दिए ई-मेल पर लिखें। काम आएगा अगर आप बताएँ: पेज का पता, आपने कौन-से इनपुट डाले (अपना PAN, खाता नंबर या कोई निजी जानकारी नहीं), आपको क्या नतीजा मिला, और आपके हिसाब से क्या होना चाहिए — हो सके तो आधिकारिक स्रोत के लिंक के साथ।
सूचना की जाँच के बाद ग़लती सही निकली, तो गणना या पेज ठीक किया जाता है, उसके लिए एक नया टेस्ट जोड़ा जाता है ताकि वह ग़लती लौटे नहीं, और पेज की अपडेट तारीख़ बदलती है।
आपकी संख्याएँ
हिसाब आपके ब्राउज़र में होता है; डाली गई रकम हम किसी सर्वर पर नहीं भेजते और URL में नहीं डालते। प्लान तभी सेव होता है जब आप ख़ुद "प्लान सेव करें" दबाएँ, और तब भी सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में। एक टूल से दूसरे टूल तक रकम ले जाने वाले बटन इसी टैब की अस्थायी स्टोरेज से एक बार भरते हैं और फिर मिटा देते हैं। होम, टूल और गाइड पेजों के अंत में Adsterra का विज्ञापन दिखता है, जिसकी स्क्रिप्ट उनके सर्वर से लोड होती है — विज्ञापन हिसाब में कोई भूमिका नहीं निभाता, और हम उसे आपकी रकम नहीं देते। पूरा विवरण: प्राइवेसी पॉलिसी।
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