नया टैक्स रिजीम स्लैब 2026-27: आपकी सैलरी पर कितना टैक्स?
सीधा जवाब: नए रिजीम में ₹4 लाख तक की कुल आय पर टैक्स नहीं; उसके बाद हर ₹4 लाख पर दर 5% बढ़ती है, ₹24 लाख के ऊपर 30%। रिबेट के कारण नौकरीपेशा लोगों की ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर टैक्स शून्य है। ये स्लैब Income-tax Act 2025 की धारा 202(1) में हैं।
नए रिजीम के स्लैब
| कुल टैक्सेबल आय | दर | इस स्लैब में अधिकतम टैक्स |
|---|---|---|
| ₹0 – ₹4 लाख | 0% | ₹0 |
| ₹4 – ₹8 लाख | 5% | ₹20,000 |
| ₹8 – ₹12 लाख | 10% | ₹40,000 |
| ₹12 – ₹16 लाख | 15% | ₹60,000 |
| ₹16 – ₹20 लाख | 20% | ₹80,000 |
| ₹20 – ₹24 लाख | 25% | ₹1,00,000 |
| ₹24 लाख से ऊपर | 30% | — |
इस टैक्स पर 4% सेस जुड़ता है। ₹50 लाख से ज़्यादा आय पर सरचार्ज भी लगता है (यह तालिका वहाँ नहीं जाती)।
5 लाख से 50.75 लाख की सैलरी पर टैक्स
निवासी, नौकरीपेशा व्यक्ति, सिर्फ़ सैलरी आय: ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन, धारा 156 रिबेट, मार्जिनल रिलीफ़ और 4% सेस के साथ। सारी संख्याएँ SaralPaisa के इनकम टैक्स कैलकुलेटर वाले टेस्टेड इंजन से बनी हैं।
| सालाना सैलरी | टैक्सेबल आय | सालाना टैक्स | मासिक | सैलरी का % |
|---|---|---|---|---|
| ₹5,00,000 | ₹4,25,000 | ₹0 | ₹0 | 0.0% |
| ₹7,00,000 | ₹6,25,000 | ₹0 | ₹0 | 0.0% |
| ₹10,00,000 | ₹9,25,000 | ₹0 | ₹0 | 0.0% |
| ₹12,75,000 | ₹12,00,000 | ₹0 | ₹0 | 0.0% |
| ₹13,00,000 | ₹12,25,000 | ₹26,000 | ₹2,167 | 2.0% |
| ₹14,00,000 | ₹13,25,000 | ₹81,900 | ₹6,825 | 5.9% |
| ₹15,00,000 | ₹14,25,000 | ₹97,500 | ₹8,125 | 6.5% |
| ₹16,00,000 | ₹15,25,000 | ₹1,13,100 | ₹9,425 | 7.1% |
| ₹18,00,000 | ₹17,25,000 | ₹1,50,800 | ₹12,567 | 8.4% |
| ₹20,00,000 | ₹19,25,000 | ₹1,92,400 | ₹16,033 | 9.6% |
| ₹25,00,000 | ₹24,25,000 | ₹3,19,800 | ₹26,650 | 12.8% |
| ₹30,00,000 | ₹29,25,000 | ₹4,75,800 | ₹39,650 | 15.9% |
| ₹40,00,000 | ₹39,25,000 | ₹7,87,800 | ₹65,650 | 19.7% |
| ₹50,00,000 | ₹49,25,000 | ₹10,99,800 | ₹91,650 | 22.0% |
| ₹50,75,000 | ₹50,00,000 | ₹11,23,200 | ₹93,600 | 22.1% |
₹50 लाख की सैलरी पर भी कुल टैक्स सैलरी का लगभग 22% है, 30% नहीं — क्योंकि 30% सिर्फ़ ₹24 लाख के ऊपर वाले हिस्से पर लगता है।
स्लैब से टैक्स कैसे निकालें: ₹20 लाख सैलरी
- सैलरी ₹20,00,000 − ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन = टैक्सेबल आय ₹19,25,000।
- ₹4–8 लाख पर 5% = ₹20,000; ₹8–12 लाख पर 10% = ₹40,000; ₹12–16 लाख पर 15% = ₹60,000।
- ₹16 लाख के ऊपर का ₹3.25 लाख पर 20% = ₹65,000।
- स्लैब का कुल टैक्स ₹1,85,000 + 4% सेस ₹7,400 = ₹1,92,400 (लगभग ₹16,033 महीना)।
12 लाख के ठीक ऊपर: मार्जिनल रिलीफ़
धारा 156(2) के अनुसार आय ₹12 लाख से ज़्यादा हो, तो टैक्स (सेस से पहले) ₹12 लाख से ऊपर की अतिरिक्त आय से ज़्यादा नहीं होता।
| सालाना सैलरी | ₹12 लाख से ऊपर की टैक्सेबल आय | कुल टैक्स (सेस सहित) |
|---|---|---|
| ₹12,80,000 | ₹5,000 | ₹5,200 |
| ₹13,00,000 | ₹25,000 | ₹26,000 |
| ₹13,25,000 | ₹50,000 | ₹52,000 |
| ₹13,50,000 | ₹75,000 | ₹74,100 |
लगभग ₹13.46 लाख की सैलरी पर मार्जिनल रिलीफ़ ख़त्म हो जाती है और सामान्य स्लैब का टैक्स लगता है।
नए रिजीम में क्या मिलता है, क्या नहीं
धारा 202(2) में गिनाई गई कई छूट और कटौतियाँ नए रिजीम में नहीं मिलतीं। आम नौकरीपेशा पर इसका व्यावहारिक असर (जैसा पुराने क़ानून की नई व्यवस्था में था) यह है — धारा-वार पुष्टि आधिकारिक पाठ से करें:
- मिलता है: सैलरी पर स्टैंडर्ड डिडक्शन, धारा 156 का रिबेट।
- नहीं मिलता: PPF/ELSS/LIC वाली धारा 123 (पहले 80C) की कटौती, हेल्थ इंश्योरेंस, HRA छूट, अपने घर के होम लोन ब्याज की कटौती।
कुछ ख़ास छूटें (जैसे एम्प्लॉयर का NPS योगदान) नए रिजीम में भी मिलती हैं; उनके लिए आधिकारिक धारा या CA से पुष्टि करें — यह टूल उन्हें नहीं गिनता। कटौतियाँ बड़ी हों, तो पुराना vs नया रिजीम देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सीनियर सिटीज़न के लिए नए रिजीम में अलग स्लैब है?
नहीं। धारा 202(1) के स्लैब सभी उम्र के लिए एक जैसे हैं। ज़्यादा छूट-सीमा सिर्फ़ पुराने रिजीम में है।
12 लाख वाली राहत कैपिटल गेन पर भी है?
यह तालिका सिर्फ़ सामान्य आय की है। शेयर/म्यूचुअल फ़ंड के कैपिटल गेन पर ख़ास दरें और अलग नियम लगते हैं; उनके लिए यह तालिका इस्तेमाल न करें।
स्रोत और जाँच
नीचे वे स्रोत हैं जिन्हें इस पेज के नियमों/दरों के लिए खोलकर मिलाया गया। "जाँचा" तारीख़ वह दिन है जब स्रोत खोला गया; पेज की "अपडेट" तारीख़ अलग है।
- Income-tax Act 2025, धारा 202 (नया टैक्स रिजीम, स्लैब) — नए रिजीम के स्लैब; धारा 202(4) से बाहर निकलने का विकल्प (बिना कारोबार वाली आय पर रिटर्न के साथ); धारा 202(2)(a)(i): नए रिजीम में Schedule III (Table: Sl. No. 5, 6, 7, 8, 11, 17) की छूट नहीं — Sl. No. 11 HRA वाला क्रम है, यह Rule 279 के शीर्षक से मिलाया गया। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 11 अक्टूबर 2026
- Income-tax Act 2025, धारा 19 (सैलरी से कटौतियाँ) — स्टैंडर्ड डिडक्शन: धारा 202(1) (नया रिजीम) में ₹75,000, बाक़ी मामलों में ₹50,000 — दोनों में सैलरी से ज़्यादा नहीं। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- Income-tax Act 2025, धारा 156 (रिबेट) — ₹12,500 (₹5 लाख तक), नए रिजीम में ₹60,000 (₹12 लाख तक) और मार्जिनल रिलीफ़। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 9 अक्टूबर 2026
- LiveLaw: बजट 2026-27 में स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन नहीं बदले — पुराने रिजीम के स्लैब और बजट 2026-27 में स्लैब/स्टैंडर्ड डिडक्शन अपरिवर्तित रहने की ख़बर — पुराने रिजीम के स्लैब प्राथमिक स्रोत पर अलग से नहीं जाँचे (स्टैंडर्ड डिडक्शन की रकम अब धारा 19 से जाँची गई)। द्वितीयक स्रोत — प्राथमिक पर अलग से नहीं जाँचा जाँचा: 8 अक्टूबर 2026