इनकम टैक्स रिफ़ंड का स्टेटस: कहाँ देखें और आगे क्या करें
रिफ़ंड तब बनता है जब साल में कटा या जमा किया टैक्स आपकी असल देनदारी से ज़्यादा हो। उसका स्टेटस सिर्फ़ आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर दिखता है। SaralPaisa आपका रिफ़ंड नहीं देख सकता, न PAN, पासवर्ड, OTP या बैंक की जानकारी माँगता है — यह गाइड बताती है कि आधिकारिक जगह पर क्या देखना है और उसका मतलब क्या है।
पहले यह जाँचें
- रिटर्न ई-वेरिफ़ाई हुई या नहीं। वेरिफ़िकेशन के बिना रिटर्न आगे प्रोसेस नहीं होती, और 30 दिन के बाद वेरिफ़ाई करने पर वेरिफ़िकेशन की तारीख़ ही भरने की तारीख़ मानी जाती है।
- बैंक खाता वैलिडेट है या नहीं। आयकर विभाग के रिफ़ंड री-इश्यू पेज के अनुसार रिफ़ंड सिर्फ़ प्री-वैलिडेटेड खाते में जाता है। पोर्टल के प्रोफ़ाइल में खाते की स्थिति देखें।
- रिफ़ंड बनता भी है या नहीं। अपनी रिटर्न में "रिफ़ंड" की रकम देखें; AIS/26AS से TDS का मिलान ग़लत हो, तो रिफ़ंड बदल सकता है।
स्टेटस कहाँ देखें
आयकर विभाग के "Status of Tax Refund" पेज के अनुसार दो रास्ते हैं:
- 31 मार्च 2023 के बाद तय हुए रिफ़ंड (जैसे असेसमेंट ईयर 2026-27 का): ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन करें → e-File → Income Tax Returns → View Filed Returns → संबंधित असेसमेंट ईयर की टाइमलाइन में रिफ़ंड का स्टेटस।
- 31 मार्च 2023 या उससे पहले तय हुए रिफ़ंड: Protean (पहले NSDL) का रिफ़ंड-स्टेटस पेज, जहाँ PAN और असेसमेंट ईयर डालकर स्टेटस दिखता है।
पोर्टल का पता हमेशा ख़ुद टाइप करें। किसी मैसेज के लिंक से लॉग-इन न करें।
आम स्थितियों का मतलब
पोर्टल पर दिखने वाले शब्द समय-समय पर बदलते हैं, और आधिकारिक पेज उनकी पूरी सूची नहीं देता। नीचे आम स्थितियाँ और उनका सामान्य मतलब है — अपनी टाइमलाइन और आयकर विभाग से आई सूचना ही अंतिम मानें:
| स्थिति | आम तौर पर मतलब | आप क्या करें |
|---|---|---|
| रिटर्न भरी, वेरिफ़िकेशन बाक़ी | प्रोसेसिंग शुरू नहीं होगी | 30 दिन के अंदर ई-वेरिफ़ाई करें |
| वेरिफ़ाई हुई, प्रोसेसिंग बाक़ी | विभाग ने अभी हिसाब नहीं किया | इंतज़ार करें; ई-मेल/SMS पर आई आधिकारिक सूचना देखें |
| प्रोसेस हुई, रिफ़ंड तय | धारा 143(1) की सूचना (intimation) में रिफ़ंड की रकम | सूचना अपनी रिटर्न से मिलाएँ; रिफ़ंड वैलिडेटेड खाते में आएगा |
| रिफ़ंड पहले की किसी माँग (डिमांड) से समायोजित | पुरानी बकाया माँग में रकम जोड़ दी गई | माँग सही है या नहीं, पोर्टल पर जाँचें; ग़लत लगे तो जवाब दें |
| रिफ़ंड फ़ेल | बैंक खाते की किसी दिक़्क़त से पैसा नहीं गया | खाता वैलिडेट करें, फिर Refund reissue (नीचे) |
| प्रोसेसिंग में रिफ़ंड कम या माँग बनी | विभाग के हिसाब में कोई आँकड़ा आपकी रिटर्न से अलग है | सूचना पढ़ें; साफ़ ग़लती हो तो सुधार (धारा 154), अपनी ग़लती हो तो रिवाइज़्ड रिटर्न |
रिफ़ंड फ़ेल हुआ: री-इश्यू का अनुरोध
आयकर विभाग के "Refund re-issue" पेज के अनुसार यह अनुरोध तभी होता है जब रिफ़ंड फ़ेल हुआ हो और CPC से उसकी सूचना आई हो:
- ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन करें।
- Services मेन्यू में Refund reissue चुनें और नया अनुरोध बनाएँ।
- जिस असेसमेंट ईयर का रिफ़ंड फ़ेल हुआ, उसे चुनें।
- बैंक खाता चुनें — वैलिडेट न हो तो पहले वैलिडेट करें — और अनुरोध सबमिट करें।
ग़लती सुधारने के रास्ते
- धारा 154 के तहत सुधार (रेक्टिफ़िकेशन): आयकर विभाग के पेज के अनुसार यह "रिकॉर्ड से साफ़ दिखने वाली" ग़लती के लिए है — जिसमें बहस या जाँच की ज़रूरत न हो — जैसे धारा 143(1) की सूचना में। आवेदन ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन होता है। आदेश वाले वित्त वर्ष के अंत से 4 साल के बाद सुधार का आदेश नहीं हो सकता, और आवेदन पर फ़ैसला 6 महीने में होना चाहिए। आवेदन से पहले पक्का कर लें कि ग़लती विभाग की है, आपके अपने हिसाब की नहीं।
- रिवाइज़्ड रिटर्न: अगर ग़लती आपकी रिटर्न में थी (कोई आय या TDS छूटा, ग़लत कटौती), तो समय-सीमा के अंदर रिवाइज़्ड रिटर्न। समय-सीमा के बारे में ITR तैयारी गाइड देखें।
- TDS ही ग़लत दिख रहा हो: जिसने TDS काटा (एम्प्लॉयर, बैंक) उससे सुधार करवाएँ; उनका सुधरा स्टेटमेंट 26AS/AIS में दिखने के बाद आगे का क़दम लें।
धोखे से बचें
"आपका रिफ़ंड मंज़ूर हुआ है, इस लिंक पर बैंक जानकारी अपडेट करें" जैसे मैसेज आम धोखा हैं। आधिकारिक काम सिर्फ़ ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर, ख़ुद लॉग-इन करके होता है। किसी को OTP, पासवर्ड, कार्ड या नेट-बैंकिंग की जानकारी न दें। SaralPaisa पर ऐसा कोई फ़ॉर्म या लॉग-इन नहीं है।
स्रोत और जाँच
नीचे वे स्रोत हैं जिन्हें इस पेज के नियमों/दरों के लिए खोलकर मिलाया गया। "जाँचा" तारीख़ वह दिन है जब स्रोत खोला गया; पेज की "अपडेट" तारीख़ अलग है।
- आयकर विभाग: टैक्स रिफ़ंड का स्टेटस — लॉग-इन के बाद: e-File → Income Tax Returns → View Filed Returns; 31 मार्च 2023 तक तय हुए रिफ़ंड: Protean (TIN) पेज पर PAN और AY से; स्टेटस के मतलब इस पेज पर नहीं दिए। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 11 अक्टूबर 2026
- आयकर विभाग: रिफ़ंड री-इश्यू का अनुरोध (रिफ़ंड फ़ेल होने पर) — सिर्फ़ रिफ़ंड फ़ेल होने और CPC की सूचना के बाद; Services → Refund reissue; रिफ़ंड सिर्फ़ प्री-वैलिडेटेड बैंक खाते में। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 11 अक्टूबर 2026
- आयकर विभाग: धारा 154 के तहत ग़लती का सुधार (रेक्टिफ़िकेशन) — रिकॉर्ड से साफ़ दिखने वाली ग़लती; धारा 143(1) की सूचना और आदेश; आदेश वाले वित्त वर्ष के अंत से 4 साल के बाद सुधार-आदेश नहीं; आवेदन के 6 महीने में फ़ैसला; ऑनलाइन आवेदन ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर (1961 के एक्ट का पेज)। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 11 अक्टूबर 2026
- आयकर ई-फ़ाइलिंग: ITR-V FAQ / ई-वेरिफ़िकेशन की 30 दिन की सीमा — रिटर्न भरने के 30 दिन के अंदर ई-वेरिफ़ाई या ITR-V भेजना (Notification 2/2024, 1.4.2024 से); बाद में वेरिफ़ाई करने पर वेरिफ़िकेशन की तारीख़ भरने की तारीख़ मानी जाती है; वेरिफ़ाई न हुई रिटर्न अमान्य। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 11 अक्टूबर 2026
- आयकर विभाग: बिलेटेड या रिवाइज़्ड ITR की आख़िरी तारीख़ — धारा 139(4) बिलेटेड रिटर्न: असेसमेंट ईयर ख़त्म होने से 3 महीने पहले (31 दिसंबर) तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो पहले हो; धारा 234F की लेट फ़ीस और 234A का ब्याज लागू (रकम इस पेज पर नहीं लिखी)। आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत जाँचा: 11 अक्टूबर 2026