ITR भरने की तैयारी: असेसमेंट ईयर 2026-27

पेज अपडेट: 11 अक्टूबर 2026 · किस साल के लिए: वित्त वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल 2025 – 31 मार्च 2026), असेसमेंट ईयर 2026-27 · स्रोत जाँचे: 11 अक्टूबर 2026

यह गाइड उस रिटर्न के बारे में है जो वित्त वर्ष 2025-26 की आय के लिए 2026 में भरी जाती है। SaralPaisa रिटर्न नहीं भरता, आपका PAN, आधार, पासवर्ड या OTP नहीं माँगता, और आयकर पोर्टल से जुड़ा नहीं है। रिटर्न सिर्फ़ आयकर विभाग के आधिकारिक ई-फ़ाइलिंग पोर्टल incometax.gov.in पर भरें (पता ख़ुद टाइप करें)।

कौन-सा साल: शब्दों का फ़र्क़

आयकर विभाग के Interplay and Transition FAQs के अनुसार नया Income-tax Act 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू है, लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 की आय पर पुराना Income-tax Act 1961 ही लागू रहता है। इसलिए इस रिटर्न में पुराने शब्द चलते हैं: "पिछला वर्ष" (वित्त वर्ष) 2025-26 और "असेसमेंट ईयर" 2026-27। नए एक्ट का "टैक्स ईयर" शब्द 2026-27 और उसके बाद की आय के लिए है — उसकी रिटर्न 2027 में भरी जाएगी। विस्तार: टैक्स ईयर क्या है।

ध्यान दें: SaralPaisa का इनकम टैक्स कैलकुलेटर और HRA कैलकुलेटर टैक्स ईयर 2026-27 के नियमों पर हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की रिटर्न के लिए पोर्टल की यूटिलिटी और फ़ॉर्म-26AS/AIS के आँकड़े ही आधार हैं।

असेसमेंट ईयर 2026-27 की तारीख़ें

असेसमेंट ईयर 2026-27 की रिटर्न की तारीख़ें और उनका स्रोत
किसके लिएतारीख़स्रोत
बिना ऑडिट, बिना कारोबार/पेशे की आय (आम तौर पर ITR-1, ITR-2)31 जुलाई 2026 — निकल चुकीFinance Act 2026 से बदली धारा 139 (1961 का एक्ट), Explanation 2 की तालिका का क्रम 4
बिना ऑडिट वाला कारोबार/पेशा (जैसे ITR-3, ITR-4 के कई मामले)31 अगस्त 2026 — निकल चुकीFinance Act 2026 से बदली धारा 139, Explanation 2 की तालिका का क्रम 3 (1 मार्च 2026 से लागू)
ऑडिट वाले मामले (circular की तालिका का क्रम 2)21 नवंबर 2026 (पहले 31 अक्टूबर)CBDT Circular 07/2026, 28 सितंबर 2026
बिलेटेड रिटर्न, धारा 139(4)31 दिसंबर 2026, या असेसमेंट पूरा होने से पहले — जो पहले होआयकर विभाग का "Due date to file belated or revised ITR" पेज

बिलेटेड रिटर्न पर धारा 234F की लेट फ़ीस और बकाया टैक्स पर धारा 234A का ब्याज लगता है; पोर्टल पर रिटर्न भरते समय यह हिसाब दिखता है। रिवाइज़्ड रिटर्न: Finance Act 2026 से बदली धारा 139(5) के अनुसार असेसमेंट ईयर ख़त्म होने (असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 31 मार्च 2027) से पहले, या असेसमेंट पूरा होने से पहले — जो पहले हो। उसी एक्ट ने नई धारा 234-I जोड़ी है: नौ महीने के बाद भरी रिवाइज़्ड रिटर्न पर फ़ीस — कुल आय ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000, नहीं तो ₹5,000। फ़ीस किस तारीख़ से लगेगी, यह रिवाइज़ करते समय पोर्टल पर देख लें।

तारीख़ें आगे बढ़ाई जा सकती हैं। भरने से पहले पोर्टल या आयकर विभाग की वेबसाइट पर ताज़ा सूचना देखें।

कौन-सा ITR फ़ॉर्म

ई-फ़ाइलिंग पोर्टल के "कौन-सा ITR फ़ॉर्म लागू है" पेज के अनुसार (AY 2026-27):

काग़ज़ और मिलान

पोर्टल पर आम क़दम

  1. लॉग-इन सिर्फ़ incometax.gov.in पर, पता ख़ुद टाइप करके।
  2. e-File मेन्यू में Income Tax Returns से रिटर्न भरने का विकल्प चुनें और असेसमेंट ईयर 2026-27 चुनें।
  3. फ़ॉर्म चुनें (ऊपर देखें)। पोर्टल पहले से भरी (pre-filled) जानकारी दिखाता है — हर आँकड़ा अपने काग़ज़ से मिलाएँ, आँख बंद करके न मानें।
  4. टैक्स का हिसाब देखें: बकाया टैक्स हो, तो पहले चुकाएँ और चालान की जानकारी रिटर्न में जोड़ें।
  5. सबमिट करें और अक्नॉलेजमेंट सेव करें।
  6. 30 दिन के अंदर ई-वेरिफ़ाई करें (नीचे देखें)।

पोर्टल के मेन्यू के नाम समय-समय पर बदलते हैं; विस्तृत क़दम पोर्टल के "Help" हिस्से की आधिकारिक यूज़र मैनुअल में हैं।

ई-वेरिफ़िकेशन: 30 दिन

ई-फ़ाइलिंग पोर्टल के FAQ के अनुसार (Notification 2/2024, 1 अप्रैल 2024 से), रिटर्न भरने के 30 दिन के अंदर ई-वेरिफ़ाई करना या ITR-V भेजना होता है। देर से वेरिफ़ाई करने पर वेरिफ़िकेशन की तारीख़ ही रिटर्न भरने की तारीख़ मानी जाती है और देर से भरने के नतीजे लागू होते हैं। जो रिटर्न वेरिफ़ाई ही न हो, वह अमान्य मानी जाती है।

बाद में ग़लती दिखे तो

कोई SMS, ई-मेल या कॉल रिफ़ंड या रिटर्न के नाम पर लिंक खोलकर पासवर्ड, OTP या बैंक की जानकारी माँगे, तो न दें; पोर्टल पर ख़ुद जाकर देखें।

लेखक: start। SaralPaisa कोई वित्तीय सलाहकार, CA या SEBI-रजिस्टर्ड संस्था नहीं है; यह पेज शिक्षा के लिए है। हमारे बारे में · हम हिसाब कैसे करते हैं · डिस्क्लेमर